Why Everyone Hate Hardik Pandya

परिचय: एक ऐसा प्लेयर जो हर चीज में परफेक्ट एक तरीके से कहे तो इंडियन क्रिकेट के लिए अलादीन का चिराग बल्लेबाजी में लड़खड़ाते टीम को संभालना हो गेंदबाजी मेंquick break through दिलाना हो या अपनी फील्डिंग से मैच का रुख बदलना हो वह सब कर लेता था लेकिन अक्सर कहा जाता है कि आप अपने काम में कितने भी माहिर क्यों ना हो उस काम को लेकर घमंड अच्छे अच्छों को बर्बाद कर देता है

इंडिया को कई सालों से एक परफेक्ट फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरूरत थी टीम में जडेजा अश्विन अक्षर पटेल और भी कई स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर तो थे पर वो बस एशियाई कंडीशन के लिए सही थे ओवरसीज कंडीशन में लड़ने के लिए टीम में कोई परफेक्ट फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर नहीं था टीम इंडिया में बाकी टीमों के मुकाबले कोई ऑलराउंडर का होना बहुत रियर होता है

इंडियन क्रिकेट हिस्ट्री में कपिल देव मोहिंदर अमरनाथ और इरफान पटानी ऐसे नाम याद आते हैं जो फास्ट बॉलिंग बैटिंग और फील्डिंग में equal contribution देते थे 2011 के बाद से स्टर्ड बिनी ऋषि धवन जैसे ऑलराउंडर तो टीम में आए पर उनमें वो बात नजर नहीं आ रही थी जिसकी टीम इंडिया को तलाश थी, टीम इंडिया एक ऐसे ऑलराउंडर की खोज में थी जो हर कंडीशन में लड़ना जानता हो

वो कहते हैं ना कि हीरे की परक जोरी को होती है BCCI के लिए वो जोरी बना मुंबई इंडियंस मुंबई इंडियंस ने एक सनकी ऑलराउंडर को ढूंढ निकाला जिसके खून की हर एक बूंद में क्रिकेट छुपा हुआ था जो लंबे-लंबे मारने के साथ अपनी गति से बल्लेबाजों के होश उड़ाता था

हार्दिक पांड्या एक ऐसा नाम जिसने अपने ऑलराउंड खेल से कुछ ही समय में वर्ल्ड क्रिकेट में एक बड़ा नाम बना दिया बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी या फिर फील्डिंग हार्दिक पांड्या हर लेवल पर हर मैच के साथ परफेक्ट होते जा रहे थे 2015-16 आईपीएल सीजन में धमाका करने के बाद टीम इंडिया को एक परफेक्ट फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर मिल चुका था BCCI की साल की तपस्या सफल हो चुकी थी

हार्दिक पांडे ने मात्र 22 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 डेब्यू किया 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 43 बॉल पर 76 रनों की पारी 2019 में केकेआर के खिलाफ 34 बॉल पर 91 रनों की पारी एशिया कप 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 87 रनों की पारी और बैटिंग के साथ बॉलिंग में भी अनगिनत परफॉर्मेंस फैंस प्यार से हार्दिक पांड्या को कुंगफू पांड्या बुलाते थे

धोनी कोली और रोहित शर्मा समेत बड़े-बड़े खिलाड़ियों के फैंस हार्दिक पांड्या को सपोर्ट करते थे सब कुछ सही चल रहा था फिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि उनके लाखों चाहने वाले उनके खिलाफ हो गए शुरुआत होती है 2018 एशिया कप से हार्दिक पांड्या के लोअर बैक में फ्रैक्चर के कारण उनकी सर्जरी हुई और वे महीनों तक क्रिकेट से दूर रहे लेकिन आल 2019 के लिए वे एकदम फिट थे जहां तक पहुंचने के लिए करोड़ों भारतीय दिन रात मेहनत कर रहे हैं वो हार्दिक पांड्या हासिल कर चुके थे

टेस्ट क्रिकेट से तो मानो हार्दिक पांड्या ने डेब्यू करने से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया हो क्योंकि अपने 8 साल के इंटरनेशनल करियर में पांड्या ने मात्र 11 टेस्ट खेले 2018 के बाद से हार्दिक पांड्या लगातार इंजर्ड होते रहे 2000 वर्ल्ड कप से 2023 वर्ल्ड कप के बीच टीम इंडिया ने 80 ओडीआई मैचेस खेले जिसमें से हार्दिक पांड्या ने 48 मैच मिस किए और वे 4 साल में मात्र 32 मैच ही खेल पाए

Why do many people hate Hardik Pandya

2020 से हार्दिक पांड्या इंडिया के लिए एक भी टेस्ट नहीं खेले 2020 से टीम इंडिया ने 90 टी-20 मैच खेले हैं जिसमें से हार्दिक पांड्या ने 38 मैच मिस किए इस सबके बीच टीम इंडिया में उनके रिप्लेसमेंट के लिए विजय शंकर शिवम दुबे और वेंकटेश अयर को टीम में शामिल किया गया लेकिन बीसीसीआई ने इन सब को ना ही उतना बैक किया और ना ही हार्दिक पांड्या की कमी पूरी हो सकी

सीधा सीधा कहे तो हार्दिक पांड्या बीसीसीआई की जरूरत बन चुके हैं जिसका हार्दिक पांड्या ने खूब फायदा भी उठाया है हार्दिक पांड्या का कुंफू पांड्या वाला एटीट्यूड अब घमंड में बदल चुका है यह घमंड और आसमान तक पहुंचा जब वे 2022 में गुजरात के कैप्टन बने और पहले ही सीजन में गुजरात को चैंपियन बनाया 2023 आईएल सीजन में भी गुजरात रनर अप थी धीरे-धीरे हार्दिक पांड्या का बदला हुआ एटीट्यूड फैंस को समझ आने लगा

Exposing the hate against Hardik Pandya

HARDIK PANDYA KI SABSE BADI GALTI 

जिस धोनी को हार्दिक पांड्या अपना आइडल मानते थे उनको आईपीएल फाइनल के स्टेज पर सम्मान ना देना अपने ही कैप्टन को बीच मैदान पर गाली देना तिलक वर्मा वाला ये इंसीडेंट सबको याद होगा जहां तिलक अपनी मेडन 50 से मात्र एक रन दूर थे और लगभग ढाई ओवर बचे थे लेकिन हार्दिक पांड्या मार के मैच फिनिश करते हैं

लेकिन इस सब के बावजूद वे ट्रोल तो हो रहे थे लेकिन हार्दिक के फैंस अब भी उनके साथ थे फिर आता है सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट जहां सबको हैरान करते हुए हार्दिक पांड्या गुजरात को छोड़ मुंबई इंडियंस को दोबारा से जवाइन करते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि हार्दिक ने मुंबई के सामने वापस आने के लिए कैप्टंसी की शर्त रखी थी यानी मुंबई इंडियंस अपने उस कैप्टन को हटा देता है जिसने उन्हें ट्रॉफी जीतने की आदत दी

पांच बार आईपीएल का खिताब जीतने वाले कैप्टन को एक झटके में बिना वजह के हटाना रोहित शर्मा के फैंस को हजम नहीं हुआ मुंबई इंडियंस और हार्दिक पंड्या को इतना ट्रोल होना पडा कि अब एक टीम के दो fan base बन गए हैं एक जो केवल मुंबई इंडियंस के फैंस हैं और दूसरे जो रोहित शर्मा की वजह से मुंबई इंडियंस के फैन हैं

रोहित शर्मा ने हार्दिक के टैलेंट को पहचाना था और उन्हें लगातार मौके दिए थे लेकिन हार्दिक ने उसी कप्तान की पीठ पर छुरा मारा हार्दिक के घमंडी एटीट्यूड से साफ पता चलता है कि वह रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलना ही नहीं चाहते 2023 डब्लूटीसी फाइनल के लिए बीसीसीआई ने हार्दिक पांड्या को अप्रोच किया था

क्योंकि इंग्लैंड की कंडीशन में एक फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर का टीम में होना एक प्लस पॉइंट रहता है लेकिन हार्दिक पांडे ने फाइनल खेलने से साफ मना कर दिया इससे पता चलता है कि हार्दिक को बीसीसीआई की नहीं बल्कि बीसीसीआई को हार्दिक पांड्या की जरूरत है

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