Why Zomato and Swiggy are in loss

आखिर क्यों लाख कोशिशों के बाद भी सुगी और जोमेटो प्रॉफिट कमा ही नहीं पा रहे आखिर भारत में फूड डिलीवरी के बिजनेस में ऐसे कौन से फैक्टर्स या ऐसे कौन सी गणित है जिसके चक्कर में ये प्रॉफिट शायद कभी कमा भी ना पाए, और ये बात इनको भी पता है इसलिए स्विगी और जमेटो दोनों अपना बिजनेस मॉडल चेंज करने पे आ गए हैं

क्या इनका बिजनेस मॉडल चेंज करने से कस्टमर के जिंदगी में कोई बदलाव होगा, क्या रेस्टोरेंट वालों की जिंदगी में कोई बदलाव होगा या राइडर्स की जिंदगी में कोई बदलाव होगा, आइए जानते हैं फूड डिलीवरी बिजनेस का पूरा सच आइए देखते हैं कि फूड डिलीवरी के बिजनेस में कोई भी स्टार्टअप या कोई भी कंपनी आखिर पैसा कैसे कमाती है 

Zomato and Swiggy

सिंपल भाषा में इस धंधे की बात समझते हैं आपने कितना प्रोडक्ट बेचा कितने का बेचा उसमें क्या मार्जिन था और आपका क्या खर्चा था इसके बेसिस पर तय होता है कि आप पैसे घर लेकर जाओगे या आपकी जेब से पैसे लगेंगे राइट इसमें कोई डाउट नहीं है

Why Zomato and Swiggy are in loss

अब बात करते हैं स्विगी जमेटो की तो ये स्विगी से पता चलता है कि आपके इंडिया में टोटल कितने ऑर्डर आते हैं किस वैल्यू के आते हैं उसमें कितना पैसा कमाते हो और उसमें कितना पैसा आपकी जेब से डिलीवरी करने में लग जाता है अगर ये सारी गणित कंट्रोल में है मतलब अगर बहुत अच्छे ऑर्डर आते हैं अच्छी वैल्यू के आते हैं अच्छा मार्जिन है और कम डिलीवरी कॉस्ट है तो प्रॉफिट हो जाएगा

लेकिन स्विगी और जमेटो दोनों के साथ उल्टा है क्योंकि हमारे ना तो उतने ऑर्डर आ रहे हैं ना ही उतने ऑर्डर वैल्यू के है और ना ही उतना मार्जिन है और डिलीवरी कॉस्ट ज्यादा है इसी बात को अगर हम नंबर में डिस्कस करे तो यूएस की बात करते हैं या यूरोप की बात करते हैं वहां पर एवरेज आर्डर की वैल्यू हैं $30 ये होता हैं इंडियन रूपये में लगभग २२०० रूपये उसमे उनका मार्जिन होता हैं लगभग %30 के आस पास तो वो एक आर्डर पर 660 रूपये कमाते हैं

उसी में से राइडर का पैसा भी निकाल लेंगे उसी में से उन्होंने लॉजिस्टिक सॉफ्टवेयर बाकी चीजो का भी पैसा निकालते हैं तो अल्टीमेटली थोड़ा बहुत प्रॉफिट कमा लेते हैं बट इंडिया की अगर बात करें तो इंडिया में एवरेज ऑर्डर वैल्यू है $5 जो कि है 375 रूपये और एवरेज जो मार्जिन कमाते हैं लगभग %20 के आसपास तो 375 की ऑर्डर वैल्यू है तुमने कमाए ₹75 इस ₹75 में से राइडर को भी पैसे देने हैं लॉजिस्टिक का भी लगना है सॉफ्टवेयर भी है तो ऐसे में चाह के भी पैसा कमा ही नहीं सकते

अब इसमें ये सोचते हैं चलो वॉल्यूम में कमा ले तो इंडिया में कुछ समय पहले तक महीने में दो या तीन बार ही ऑर्डर हुआ करता था वो स्थिति अब इंप्रूव होके आठ या 10 पे आ गई है लेकिन

Food Delivery India Vs USA Europe and Singapore

अभी भी वर्ल्ड वाली स्थिति जो USA यूरोप में है वो महीने में 30 बार से ज्यादा बाहर का ऑर्डर करते हैं और सिंगापुर जैसे इलाकों में देखा जाए तो वहां तो वहा पर लोग किचन ही नहीं रखते वहां Most of The Cassese में तो ऑर्डर से ही काम चलता है

उस लेवल तक पहुंचने में इंडिया को भी बहुत टाइम लगेगा यानी इनको प्रॉफिट में आने में भी बहुत टाइम लगेगा कंक्लूजन यह है कि स्विगी जमेटो एक ट्रायंगल में फंस गए हैं इनकी तीन पार्टिया है कस्टमर जिनसे पैसा लेते हैं रेस्टोरेंट जिससे कमीशन लेते हैं और राइडर जिसको ये पैसा देते हैं

कस्टमर चाहता है कि हमसे कम से कम पैसा लिया जाए रेस्टोरेंट वाला कहता है हमसे कम से कम पैसा लिया जाए और राइडर कहता है कि हमको ज्यादा से ज्यादा दिया जाए इनमें से किसी एक को भी नाराज कर दिया तो बिजनेस फ्लॉप है और तीनों को खुश किया तो कभी प्रॉफिट आएगा ही नहीं और इसी बात को समझते हुए Zomato and Swiggy दोनों ने फूड डिलीवरी बिजनेस से धीरे-धीरे हाथ खींचने चालू कर दिए हैं

और वह अलग-अलग अल्टरनेटिव पे ध्यान दे रही है तो Zomato ने जो स्टार्ट किया है उसका नाम हैं Hyperpure By Zomato रेस्टोरेंट वाले को कह रही है चलो कोई बात नहीं तुम्हारे माल की डिलीवरी तो हम करते ही हैं तुम एक काम करो रॉ मटेरियल हमसे ले लो तुम्हें सब्जी हम दे देते हैं तुम्हें सब्जी वगैरा जो भी लगता हैं ये हमसे ले लो तो इसी में दो पैसे कमा लेंगे इनके पास इतने सारे हजारों रेस्टोरेंट का डाटा तो पहले से हैं ही इनसे बातचीत करी थोड़ा रूपये कम पे दिया यह वाला बिजनेस इनका फल फूल सकता है

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